रोटी का स्वाद

रोटी का स्वाद मेरे पुराने रूम मेट एक कहानी सुनाया करते थे । उनके भाई रेलवे में ठेकेदार थे। एक बार मित्र उनकी साइट पर मजदूरों के सुपरविजन के लिए रुके। आस पास होटल न थे। मित्र भूखे और बेचैन।  रात को मजदूरों ने ईटो का चूल्हा बनाया और मोटी मोटी रोटी बनायी। मित्र अक्सर […]

रोटी का स्वाद Read More »

International Yoga Day : A Story

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस     ‘किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है।‘ स्टेनले हॉल अगर आपको उन्नाव से सीधे अहमदाबाद आना हो तो एक ही ट्रेन है – साबरमती। सबसे पहले उसी ट्रेन से अहमदाबाद आया था। शुरू के १ साल तक उसी से आना और जाना। उस ट्रेन का रास्ता बहुत घुमावदार है। ऐसे अहमदाबाद से उन्नाव

International Yoga Day : A Story Read More »

Scoop : A kuldip Nayar Book

Scoop : कुलदीप नैयर की एक पुस्तक प्रकाशक  हार्पर कॉलिंस (2006 )   मैं सत्य व्यास की बनारस टाकीज और निखिल सचान की नमक स्वादनुसार किताबें कमिश्नर सर से वापस लेकर निकल रहा था कि कपिल जैन मिल गए और कहने लगे कौन सी किताब दे रहे हो पढ़ने के लिए। मेरे मुँह से निकला –

Scoop : A kuldip Nayar Book Read More »

Gajiyabad : Raj Nagar

मुझे जाना पड़ेगा  आशीष कुमार  कहते है शब्द जुबान से और तीर कमान से निकल जाने के बाद वापस नहीं लिए जा सकते है। उस रोज मुझे अपने शब्दों पर बड़ा खेद हुआ , झेप हुयी।   इसी अप्रैल की बात है। एक मित्र रामकृष्ण है जो इंटरव्यू की तैयारी के दौरान सम्पर्क में आये थे। राजनगर

Gajiyabad : Raj Nagar Read More »

An evening in Mt. Abu

असली है क्या ? आशीष कुमार  कभी कभी हमारे जीवन में कुछ ऐसी बाते होती है जो होती बहुत सामान्य है पर आप उनको हमेशा सोचते रहते हो। वो चीजे मन मस्तिष्क से गुजरते ही मुस्कराने पर बाध्य कर देती है। उस छोटी सी घटना के 3 साल पुरे होने वाले है पर  मैं अब

An evening in Mt. Abu Read More »

Be alert

आप सतर्क रहना एक बात है जो मुझे काफी घुटन दे रही है। दरअसल पिछले दिनों एक कोचिंग से फोन आया, मेरे हिंदी साहित्य के नंबर पूछे और फ़ोन रख दिया। बताने की जरूरत नही कौन कोचिंग हो सकती है। यह सच है कि मैंने वहां  mains की टेस्ट सीरीज जॉइन की थी , पर

Be alert Read More »

Some Important things

कुछ जरूरी बाते  आशीष कुमार  27 अप्रैल 2018  की शाम मेरे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण शाम थी। उस दिन सिविल सेवा का रिजल्ट आया था। मेरा अंतिम प्रयास था। तमाम तनाव और मुश्किलों के बीच सफलता की खबर ने मुझे संजीवनी सी दे दी। पिछले 9 सालों से इसके भवँर में था।  सोचा था कि

Some Important things Read More »

Thanks to all my lovely teacher

नमन उन गुरुजनों को  आशीष कुमार  प्रायः हम कई वादे अपने आप  से करते है पर जरूरी होते हुए भी पूरे नही कर पाते है। तमाम टीचर डे गुजरे , मुझे अपने प्रिय अध्यापकों की याद भी खूब आयी पर दो शब्द न उनसे कहे , न लिखे। हर बार लगा जब फुरसत होगी तब

Thanks to all my lovely teacher Read More »

What I read in last 15 days

हालांकि इसके अलावा भी काफी कुछ पढ़ा पर, यह नोट करने लायक था। गुलजार की दो कहानी 1. धुंआ 2. तकसीम रेणु 1. ठेस सिरचन की कहानी 2 . रसप्रिया -मृदरंगी पँचकौड़ी 3. लाल पान की बेगम- बिरजू की माँ, नाच देखने का पकरण धर्मवीर भारती 1. बन्द गली का आखिरी मकान अमरकांत 1 एक

What I read in last 15 days Read More »

Some more books

पिछले दिनों कुछ और किताबे पढ़ी गयी। दरअसल कई वर्षो बाद , अब फिर से वही पुरानी आदत यानि नावेल पढ़ना को समय दे पा रहा हूँ।  १. दो मुर्दो के लिए गुलदस्ता – सुरेंद्र वर्मा का लिखा नावेल है। विषयवस्तु में दो नायक भोला और नील की कहानी है जो बॉम्बे में चलती है।

Some more books Read More »